चलो कुछ देर इंतज़ार करें



चलो कुछ देर इंतज़ार करें,


शायद उसके दिल से बदगुमानी पिघल जाए,


शायद के उसकी आने का सूरज एक दिन ढल जाए,


शायद के वो कुछ हमसे मिलने को मचल जाए,



चलो कुछ देर इन्तेज़ार करें,


हो सकता है वो आने की दीवार गिरा डाले,


हो सकता अहि वो अहेद-ऐ-सोती निभा डाले,


हो सकता है वो हमें आखरी बार बुला डालें,



चलो कुछ देर इन्तेज़ार करें,


मुमकिन अपनी किस्मत में भी कमाल हो जाए,


उसका दिल भी हमारी तरह बेहाल हो जाए,


खुशियों की आरजू में दर्दसे निढाल हो जाए,



चलो कुछ देर इन्तेज़ार करें,


मुक़द्दर की तरीक रातों के जाने का,


उस बिछडे दोस्त के लौट आने का,


उसको भी ख्याल आए हमें मानाने का,


चलो कुछ देर इन्तेजार करें,


कुछ देर और ख़ुद को बेकरार करें,


हकालो तुम्हारे लिए शिकस्त का इकरार करें,


चलो के फिर तजदीद-ऐ-दोस्ती एक बार करें,


चलो कुछ देर इन्तेज़ार करें...

contributed by Abhishek

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